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पटना में दो दिनों में सांप के डंसने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत, गांव में दहशत

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पटना के दानापुर स्थित सरारी गांव में दो दिनों के भीतर सांप के डंसने से एक ही परिवार के चाचा और 12 वर्षीय भतीजी की मौत हो गई। लगातार हुई घटनाओं से गांव में डर और शोक का माहौल है।

दानापुर/आलम की खबर:पटना जिले के दानापुर अनुमंडल अंतर्गत सरारी गांव में दो दिनों के भीतर घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की सांप के डंसने से हुई मौत ने न केवल परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है बल्कि गांव के लोगों के बीच भी भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पहले परिवार के एक सदस्य की मौत हुई और उसके अगले ही दिन उसी परिवार की एक मासूम बच्ची भी सांप का शिकार बन गई। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद गांव में लोग अपने घरों और आसपास के इलाकों की साफ-सफाई तथा सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार गांव निवासी मुन्ना महतो अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक उन्हें सांप ने डंस लिया। शुरुआत में परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी। परिवार के लोग उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए लेकर गए और उपलब्ध उपचार भी कराया गया। लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने भारी मन से उनका अंतिम संस्कार किया और पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।

परिवार अभी इस दुखद घटना से उबर भी नहीं पाया था कि अगले ही दिन एक और दर्दनाक हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया। मुन्ना महतो के चचेरे भाई की 12 वर्षीय पुत्री आरती कुमारी घर की साफ-सफाई कर रही थी। बताया जाता है कि इसी दौरान उसे भी सांप ने डंस लिया। पहले तो किसी को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिवार के लोग उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए निकले।

परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते अस्पताल पहुंचने पर बच्ची की जान बच सकती है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। मासूम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में एक दिन पहले अंतिम संस्कार हुआ था, उसी घर में अगले दिन फिर मातम छा गया। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने एक ही परिवार पर इतना बड़ा दुख शायद ही कभी देखा हो।

आरती कुमारी स्थानीय विद्यालय में पढ़ाई करती थी और चौथी कक्षा की छात्रा थी। परिवार के लोग उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उन सभी उम्मीदों को तोड़ दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया ताकि औपचारिक जांच पूरी की जा सके। बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर भी घटना की जानकारी संबंधित विभागों को दी गई।

इस बीच परिवार और ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची। टीम ने इलाके में खोजबीन शुरू की और सांप को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही ग्रामीणों को बरसात और गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता रखने की सलाह भी दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व और बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने या तापमान में बदलाव के कारण वे बाहर निकल आते हैं। ऐसे समय में खेतों, झाड़ियों, लकड़ी के ढेरों और घरों के आसपास अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ग्रामीण इलाकों में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है, जहां खुले स्थान और झाड़ियां सांपों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को जागरूक रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि सांप के डंसने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। साथ ही लोगों को यह भी सलाह दी जा रही है कि घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और बच्चों को अकेले झाड़ियों या सुनसान स्थानों पर न जाने दें।

सरारी गांव में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं। कई परिवारों ने रात के समय घरों के बाहर निकलना कम कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को गांवों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि लोग ऐसे खतरों से बचाव के उपायों को बेहतर ढंग से समझ सकें। लगातार दो मौतों ने लोगों को यह एहसास कराया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

सामाजिक रूप से भी यह घटना काफी दुखद मानी जा रही है। एक ही परिवार ने दो दिनों में अपने दो सदस्यों को खो दिया। गांव में जहां कुछ दिन पहले सामान्य जीवन चल रहा था, वहीं अब हर तरफ शोक और संवेदना का माहौल है। लोग परिवार के दुख में सहभागी बन रहे हैं और प्रशासन से भी सुरक्षा एवं जागरूकता संबंधी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

कुल मिलाकर दानापुर के सरारी गांव में घटी यह घटना सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। सांपों से बचाव, समय पर इलाज और जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। फिलहाल पूरा गांव इस दुखद हादसे से उबरने की कोशिश कर रहा है और परिवार अपने प्रियजनों की याद में गहरे सदमे से गुजर रहा है।सांप के डंसने से होने वाली मौतें आज भी ग्रामीण भारत के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। जागरूकता की कमी, समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाना और अंधविश्वास कई बार हालात को और गंभीर बना देते हैं। दानापुर की यह घटना बताती है कि सतर्कता और त्वरित इलाज कितना जरूरी है।

सरकार और स्थानीय प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने चाहिए, जहां सांपों का खतरा अधिक रहता है। लोगों को प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देना समय की जरूरत है।

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